भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति केके बिरला(कृष्ण कुमार बिरला) ने के के बिरला फाउंडेशन की स्थापना की थी। इस फाउंडेशन का उद्देश्य संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के साहित्य को बढ़ावा देना है।
केके बिरला फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष तीन साहित्यिक पुरस्कार दिए जाते हैं।
सरस्वती सम्मान
व्यास सम्मान
बिहारी पुरस्कार
सरस्वती सम्मान
के के बिरला फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले तीनों पुरस्कारों में सर्वोच्च पुरस्कार सरस्वती सम्मान है, जो भारत के आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं के साहित्यकार को को उनकी कृति के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार विगत 10 वर्षों में प्रकाशित पुस्तकों के लिए उनके लेखकों/साहित्यकारों को दिया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत 15 लाख रुपए प्रशस्ति पत्र प्रतीक चिन्ह और शॉल सम्मान के रूप में दिया जाता है। सरस्वती सम्मान की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। पहला सरस्वती सम्मान हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन को उनकी आत्मकथा के लिए दिया गया था। वर्ष 2021 में 31वां सरस्वती सम्मान प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार प्रोफेसर राम दरश मिश्रा को दिया गया है। राम राम दरस मिश्रा एक मराठी उपन्यासकार है जिनकी कविता संग्रह मैं तो यहां हूं के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान 2021 से सम्मानित किया गया है।
वर्ष 2020 में यह सम्मान मराठी लेखक डॉक्टर शरण कुमार लिंबाले को दिया गया है। उन्हें यह सरस्वती सम्मान उनके मराठी उपन्यास ‘ सनातन ‘ के लिए दिया गया है। वर्ष 2019 में 29 वा सरस्वती सम्मान पुरस्कार सिंधी भाषा के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार वासुदेव मोदी को 2012 में प्रकाशित उनकी लघु कथा ‘चेक बुक’ के लिए दिया गया था।
2022 के प्रमुख सैन्य अभ्यास
| टाइगर ट्रम्फ 2022 | भारत - अमेरिका | विशाखापट्टनम | थल सेना |
|---|---|---|---|
| JIMAX 2022 | भारत जापान | बंगाल की खाड़ी | नौसेना |
| काकडू | भारत ऑस्ट्रेलिया | ऑस्ट्रेलिया | नौसेना |
| वोस्तोक अभ्यास | बहुराष्ट्रीय | रूस | थलसेना |
| उदार शक्ति | भारत मलेशिया | मलेशिया | वायु सेना |
| 13 वाँ वज्र प्रहार | भारत अमेरिका | हिमाचल प्रदेश | थल सेना |
| विनबैक्स | भारत वियतनाम | चंडीमंदिर | थल सेना |
| 18 वाँ युद्धाभ्यास | भारत अमेरिका | औली | थलसेना |
| अल नज़ाह | भारत ओमान | राजस्थान | थलसेना |
| समुद्री साझेदारी | भारत जापान | अंडमान सागर | नौसेना |
| खान क्वेस्ट 2022 | बहुपक्षीय (16 देश | मंगोलिया | थल सेना |
| वरुण अभ्यास 2022 | भारत फ्रांस | अरब सागर | नौसेना |
| खंजर | भारत किर्गिस्तान | बकलोह हिमाचल प्रदेश | थल सेना |
| बोंगो सागर | भारत बांग्लादेश | पोर्ट मोंगला बांग्लादेश | नौसेना |
| Ex DUSTLIK | भारत उज़्बेकिस्तान | यांगियारिक, ऊजबेकिस्तान | थल सेना |
| धर्म गार्जियन 2022 | भारत जापान | बेलगाम कर्नाटक | थल सेना |
| लमिताए 2022 | भारत सेसेल्स | सेसेल्स | थल सेना |
| SLINEX | भारत श्रीलंका | विशाखापट्टनम | नौसेना |
| Passex 2022 | भारत रूस | अरब सागर | नौसेना |
व्यास सम्मान
व्यास सम्मान की शुरुआत 1991 में हुई थी। भारत में ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद यह तीसरा सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान है। इस पुरस्कार के अंतर्गत ₹4 लाख, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। यह पुरस्कार किसी भारतीय साहित्यकार को पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति के लिए दिया जाता है। पहला व्यास सम्मान 1991 में प्रोफेसर रामविलास शर्मा को उनकी कृति ‘भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिंदी ‘ के लिए दिया गया था।
2021 का 31 वा व्यास सम्मान असगर वजाहत को उनकी पुस्तक महाबली के लिए दिया गया है।
वर्ष 2020 में यह पुरस्कार प्रोफेसर शरद पगारे को 2010 में प्रकाशित उनके इतिहासिक उपन्यास ‘पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी ‘ की के लिए दिया गया था। इसकी घोषणा 24 मार्च 2021 को की गई। 2019 में 29वा व्यास सम्मान नासिरा शर्मा को उनके उपन्यास कागज की नाव के लिए दिया गया था जो 2014 में प्रकाशित हुई थी।
बिहारी पुरस्कार
बिहारी पुरस्कार की स्थापना 1991 में हुई थी। यह पुरस्कार कवि बिहारी लाल के नाम पर दिया जाता है। बिहारी पुरस्कार केवल राजस्थान के साहित्यकारों को प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के तहत ₹2.5 लाख की राशि प्रतीक चिन्ह एवं प्रसारित पत्र दिया जाता है। बिहारी पुरस्कार पिछले 10 वर्षों में हिंदी राजस्थानी में प्रकाशित किसी उत्कृष्ट रचना के लिए साहित्यकारों को दिया जाता है।
2021 का बिहारी पुरस्कार 2021 मधु कांकरिया को उनकी पुस्तक ‘ हम यहां थे’ के लिए दिया गया है।
वर्ष 2020 में 30 वा बिहारी पुरस्कार राजस्थान के हिंदी साहित्यकार श्री मोहन कृष्ण बोहरा को 2016 में प्रकाशित उनकी कृति तसलीमा संघर्ष और साहित्य के लिए दिया गया है।
| वर्ष | साहित्यकार | कृति | भाषा |
|---|---|---|---|
| 2020 | डा. शरण कुमार लिंबाले | सनातन(उपन्यास), | मराठी |
| 2019 | वासदेव मोही | चेकबुक (लघुकथा संग्रह) | सिंधी |
| 2018 | के. शिवा रेड्डी | पक्ककी ओटिटगिलीते (कविता संग्रह) | तेलगु |
| 2017 | सीतांशु यशचंद्र | वाखर(कविता संग्रह) | गुजराती |